

desertcart.com: BluOne Ink Novisit Hindus In Hindu Rashtra (Hindi): 9789392209949: Books Review: Jago Hindu Jago Review: बहुत ही उम्दा अभ्यास किया हुआ है और सनातन संस्कृति को मैंने वाले एक बड़े भाग को माइनॉरिटी का नाम देकर के कैसे अनदेखा किया जा रहा है और बहुत कुछ जानने लायक है जो आपके होश उदा देंगे। आनंद जी आपका धन्यवाद स प्रेम दलसि पुत्र एवं वर्षा पति पियूष चुनीलाल पटेल
| Best Sellers Rank | #4,961,633 in Books ( See Top 100 in Books ) |
| Customer Reviews | 4.7 4.7 out of 5 stars (257) |
| Dimensions | 7.99 x 10 x 1.85 inches |
| ISBN-10 | 9392209940 |
| ISBN-13 | 978-9392209949 |
| Item Weight | 8.1 ounces |
| Language | Hindi |
| Publisher | Novisit |
H**V
Jago Hindu Jago
प**ल
बहुत ही उम्दा अभ्यास किया हुआ है और सनातन संस्कृति को मैंने वाले एक बड़े भाग को माइनॉरिटी का नाम देकर के कैसे अनदेखा किया जा रहा है और बहुत कुछ जानने लायक है जो आपके होश उदा देंगे। आनंद जी आपका धन्यवाद स प्रेम दलसि पुत्र एवं वर्षा पति पियूष चुनीलाल पटेल
V**K
Dr. Anand has done a fabulous job with his book. He may not be a writer but his thoughts he has manged to oen down v effectively. The facts and pointers mentioned are spot on and very unfortunate to bear. Loved the book totally. The paper quality and binding are good. A must read for all.
D**I
This book is bunch of facts and references with genuine questions. Every Hindu should read it.
स**व
हिन्दूज इन हिन्दू राष्ट्र पुस्तक पढ़ने के कई कारण हैं, खासकर यदि आप हिंदू समाज, इतिहास, और भविष्य की दिशा को समझना चाहते हैं। यह पुस्तक सिर्फ एक राजनीतिक विचारधारा नहीं, बल्कि हिंदुओं के अस्तित्व, अधिकारों और उनके भविष्य की संभावनाओं पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक हिंदुओं पर हुए अत्याचारों, जबरन धर्मांतरण, और मंदिरों के विध्वंस की ऐतिहासिक सच्चाई को उजागर करती है। कैसे विदेशी आक्रमणों और ब्रिटिश उपनिवेशवाद ने हिंदू समाज को कमजोर किया, इसे विस्तार से बताया गया है। आज हिंदू समाज को कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है—राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से। यह पुस्तक हिंदू समाज की एकता, शिक्षा, और सशक्तिकरण पर बल देती है। भारत में तथाकथित सेक्युलरिज्म के नाम पर हिंदुओं के साथ भेदभाव क्यों होता है? कैसे हिंदुओं के मंदिर सरकारी नियंत्रण में हैं, जबकि अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों पर सरकार का कोई अधिकार नहीं? हिंदू समाज संगठित, सशक्त और आत्मनिर्भर बने, तो यह पुस्तक जरूर पढ़नी चाहिए। यह न केवल अतीत की सच्चाइयों को उजागर करती है, बल्कि भविष्य की दिशा भी दिखाती है।
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2 weeks ago
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